‘AGAR TUM SAATH HO’


तेरी नजरों में है तेरे सपने
तेरे सपनों में है नाराजी
मुझे लगता है के बातें दिल की
होती लफ्जों की धोखेबाजी
तुम साथ हो या ना हो
क्या फर्क है
बेदर्द थी जिन्दगी बेदर्द है
अगर तुम साथ हो
अगर तुम साथ हो

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