एक शायर ने ख़ूब कहा —
“दिल मिले या न मिले,
हाथ मिलाते रहिए”
लेकिन अफ़सोस इस बात का कि
आजकल लोग हाथ भी नहीं मिलाते
और जो चंद लोग मिलाते हैं
दिल को चोट पहुँचाते हैं
Philosophy . Political Philosophy. Poetry . Psychology . Perspectives (on 10,000 things)
एक शायर ने ख़ूब कहा —
“दिल मिले या न मिले,
हाथ मिलाते रहिए”
लेकिन अफ़सोस इस बात का कि
आजकल लोग हाथ भी नहीं मिलाते
और जो चंद लोग मिलाते हैं
दिल को चोट पहुँचाते हैं