साधु यही घड़ी यही बेला
लाख खर्च फिर हाथ ना आवे
मानुष जन्म दुहेला
ना कोई संगी ना कोई साथी
जाना हमसकेला
क्यों सोया उठ जाग
सवेरा क्यों सोया उठ
काल मार रहा है हेला
साधो यही यही घड़ी यही बहना
लाख खर्च फिर हाथ ना आवे
कहते कभीr
गुरु गुण गा
कहते कभीr
झूठा है जग मेला
साधो यही घड़ी यही मेला